📘 शाला प्रबंधन एवं विकास समिति (SMC & SMDC)
📌 समिति का गठन (Formation)
मध्यप्रदेश शासन के आदेश दिनांक 15.11.2019 के अनुसार एक परिसर में संचालित सभी विद्यालयों को एकीकृत करते हुए एक ही SMDC का गठन किया जाता है।
- एक परिसर में एक ही समिति कार्य करेगी
- पुरानी SMC समाप्त कर दी जाती हैं
- कक्षा 9-12 या 6-12 विद्यालयों पर लागू
- समुदाय, शिक्षक और पालकों की सहभागिता
👥 समिति के सदस्य (Composition)
- अध्यक्ष: प्राचार्य
- शिक्षक सदस्य:
- विज्ञान शिक्षक
- सामाजिक विज्ञान शिक्षक
- गणित शिक्षक
- कला/संस्कृति/खेल शिक्षक
- पालक सदस्य:
- पुरुष एवं महिला पालक
- SC/ST प्रतिनिधि
- पिछड़ा/अल्पसंख्यक वर्ग
- अन्य सदस्य:
- पंचायत/निकाय प्रतिनिधि
- महिला समूह सदस्य
- ग्राम शिक्षा समिति सदस्य
- DEO द्वारा नामित सदस्य
- लेखा/विशेषज्ञ
- वरिष्ठ शिक्षक
⚙️ समिति के कार्य
- विद्यालय विकास योजना बनाना
- शिक्षा गुणवत्ता सुधार
- छात्र सुरक्षा एवं सुविधा
- निर्माण एवं मरम्मत
- समुदाय सहभागिता
- वार्षिक योजना तैयार करना
🏗️ उप समितियाँ
- विद्यालय भवन समिति
- शैक्षणिक समिति
📅 बैठक (Meeting)
- हर माह बैठक अनिवार्य
- 7 दिन पूर्व सूचना
- आपात स्थिति में 3 दिन पूर्व
🏦 बैंक खाता
- अलग बैंक खाता
- सरकारी राशि उसी में जमा
- संयुक्त हस्ताक्षर से संचालन
📌 अन्य जिम्मेदारियाँ
- वार्षिक योजना बनाना
- स्थानीय संसाधन उपयोग
- समुदाय सहभागिता बढ़ाना
- विद्यालय विकास निगरानी
⚠️ Disclaimer
यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य हेतु है। सटीक जानकारी के लिए शासकीय आदेश देखें।
