📘 Chapter 2 : परमाणु की संरचना
One Word Answer | MCQ | Quiz | Important Questions
📖 Introduction
परमाणु की संरचना कक्षा 11 रसायन विज्ञान का अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। इस अध्याय में परमाणु के मूल कणों, इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन की खोज तथा उनके गुणों का अध्ययन किया जाता है। विद्यार्थी इस chapter में रदरफोर्ड मॉडल, बोर मॉडल, डी-ब्रॉगली सिद्धांत, हाइजेनबर्ग अनिश्चितता सिद्धांत एवं क्वांटम संख्याओं के बारे में पढ़ते हैं। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, उपकक्ष, ऊर्जा स्तर तथा ऑर्बिटल्स का भी अध्ययन किया जाता है।
यह chapter बोर्ड परीक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि विद्यार्थी One Word Answer, MCQ Questions एवं Quiz का नियमित अभ्यास करें तो इस अध्याय में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर सकते हैं। इस पेज में Quiz Format, Important Questions, FAQ एवं Revision सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई है।
📝 50 Important One Word Questions
❓ Frequently Asked Questions
1. इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की?
जे. जे. थॉमसन ने।
2. न्यूट्रॉन की खोज किसने की?
चैडविक ने।
3. बोर मॉडल किस पर आधारित है?
ऊर्जा स्तरों पर आधारित है।
4. p उपकक्ष में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?
6 इलेक्ट्रॉन।
5. d उपकक्ष में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?
10 इलेक्ट्रॉन।
6. f उपकक्ष में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?
14 इलेक्ट्रॉन।
7. Quantum संख्या कितनी होती हैं?
चार।
8. डी-ब्रॉगली सिद्धांत क्या बताता है?
इलेक्ट्रॉन की तरंग प्रकृति।
9. हाइजेनबर्ग सिद्धांत किससे संबंधित है?
अनिश्चितता सिद्धांत।
10. K shell में अधिकतम कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?
2 इलेक्ट्रॉन।
11. L shell में अधिकतम कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?
8 इलेक्ट्रॉन।
12. परमाणु का केंद्र क्या कहलाता है?
नाभिक।
🏁 Conclusion
परमाणु की संरचना अध्याय विद्यार्थियों को पदार्थ की सूक्ष्म संरचना समझने में सहायता करता है। इस अध्याय के माध्यम से परमाणु के मूल कण, ऊर्जा स्तर, क्वांटम संख्या, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास एवं आधुनिक परमाणु सिद्धांतों की जानकारी प्राप्त होती है। यह अध्याय आगे आने वाले रासायनिक आबंधन एवं आवर्त सारणी जैसे अध्यायों को समझने का आधार प्रदान करता है। यदि विद्यार्थी नियमित रूप से MCQ Questions, One Word Answer, Important Questions एवं Quiz का अभ्यास करें तो बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर सकते हैं। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। नियमित अभ्यास एवं पुनरावृत्ति से विद्यार्थी इस अध्याय को आसानी से समझ सकते हैं।
