कक्षा 12 रसायन विज्ञान
अध्याय 5 - उप-सहसंयोजक यौगिक
✍️ Fill in the Blanks Quiz Part 1
25 महत्वपूर्ण रिक्त स्थान | एक बार में एक प्रश्न
📘 परिचय (Introduction)
उप-सहसंयोजक यौगिक (Coordination Compounds) अध्याय कक्षा 12 रसायन विज्ञान का अत्यंत महत्वपूर्ण एवं परीक्षा उपयोगी अध्याय है। इस अध्याय में विद्यार्थियों को केंद्रीय धातु आयन, ligand, coordination number तथा विभिन्न coordination complexes के गुणों का अध्ययन कराया जाता है। Coordination compounds का उपयोग औषधि निर्माण, उद्योग, जैव रसायन तथा विश्लेषणात्मक रसायन में व्यापक रूप से किया जाता है।
इस Fill in the Blanks Quiz Part 1 में chapter के महत्वपूर्ण रिक्त स्थान आधारित प्रश्नों को सरल एवं परीक्षा उपयोगी रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें EDTA, hemoglobin, vitamin B12, Werner theory तथा organometallic compounds जैसे महत्वपूर्ण topics को शामिल किया गया है। ये प्रश्न विद्यार्थियों की concept clarity तथा quick revision दोनों में सहायता करेंगे।
📝 Fill in the Blanks Questions
- cis[Pt(NH₃)₂Cl₂] संकुल का ______ एजेंट के रूप में उपयोग किया जाता है।
- हीमोग्लोबिन आयरन का ______ यौगिक है।
- डाइएथिल जिंक एक ______ यौगिक है।
- [Ni(CO)₄] संकुल में Ni की ऑक्सीकरण अवस्था ______ है।
- K₄[Fe(CN)₆] का IUPAC नाम ______ है।
- [Co(EDTA)]⁻ में कोबाल्ट की ऑक्सीकरण संख्या ______ है।
- cis-डाइब्रोमो क्लोरो ट्राइएमीन कोबाल्ट (III) का संरचना सूत्र ______ है।
- प्रस्फोटरोधी कार्ब-धात्विक यौगिक का सूत्र ______ है।
- [CoF₆]³⁻ एक ______ चक्रण संकुल है।
- EDTA एक ______ लिगण्ड है।
- पंचदन्तुर लिगण्ड का उदाहरण ______ है।
- [Co(NH₃)₄Cl₂]Cl संकुल द्वारा जल में दिए गए कुल आयनों की संख्या ______ है।
- Ni²⁺ का रंग ______ होता है।
- उपसहसंयोजन संकुल के निर्माण में केंद्रीय परमाणु आयन को ______ कहा जाता है।
- उपसहसंयोजी यौगिकों का रंग ______ संक्रमण के कारण होता है।
- EDTA का रासायनिक नाम ______ है।
- उप-सहसंयोजक यौगिक ______ होते हैं।
- ज्यामितीय समावयवता ______ संकुलों में पाई जाती है।
- K₂[HgI₄] का IUPAC नाम ______ है।
- रक्त में उपस्थित हीमोग्लोबिन ______ धातु का संकुल है।
- प्रस्फोटरोधी कार्बधात्विक यौगिक ______ है।
- विटामिन B₁₂ ______ का संकुल यौगिक होता है।
- इलेक्ट्रॉन युग्मदाता ______ कहलाता है।
- उप-सहसंयोजकता का सिद्धांत ______ ने दिया।
- K₄[Fe(CN)₆] में Fe की ऑक्सीकरण संख्या ______ होती है।
✅ Fill in the Blanks Answers
- उत्तर : एंटी-कैंसर
- उत्तर : संकुल
- उत्तर : कार्ब-धात्विक
- उत्तर : शून्य
- उत्तर : पोटेशियम हेक्सासायनोफेरेट (II)
- उत्तर : 3
- उत्तर : cis-[Co(NH₃)₃ClBr₂]
- उत्तर : (C₂H₅)₄Pb
- उत्तर : उच्च
- उत्तर : बहुदन्तुर
- उत्तर : EDTA
- उत्तर : 2
- उत्तर : हरा
- उत्तर : केंद्रीय धातु आयन
- उत्तर : d-d
- उत्तर : एथिलीन डाई एमीन टेट्रा एसीटिक अम्ल
- उत्तर : अनुप्रयुक्त
- उत्तर : अष्टफलक
- उत्तर : पोटेशियम टेट्राआयोडो मरक्यूरेट (II)
- उत्तर : आयरन
- उत्तर : टेट्राएथिल लेड
- उत्तर : कोबाल्ट
- उत्तर : लिगण्ड
- उत्तर : वर्नर
- उत्तर : +2
❓ FAQ (Frequently Asked Questions)
1. EDTA किस प्रकार का ligand है?
बहुदन्तुर (Hexadentate) ligand।
2. Werner theory किसने दी थी?
Alfred Werner ने।
3. Hemoglobin में कौन-सी धातु उपस्थित होती है?
Iron (Fe)।
4. Vitamin B₁₂ किस धातु का complex है?
Cobalt (Co)।
5. Organometallic compound क्या होता है?
जिस यौगिक में धातु तथा carbon के बीच प्रत्यक्ष बंध हो।
6. [Ni(CO)₄] में Ni की oxidation state क्या होती है?
0
7. cis-platin का उपयोग किसमें किया जाता है?
Anti-cancer drug के रूप में।
8. Ligand क्या कार्य करता है?
केंद्रीय धातु को electron pair प्रदान करता है।
9. उप-सहसंयोजी यौगिक रंगीन क्यों होते हैं?
d-d transition के कारण।
10. K₄[Fe(CN)₆] में Fe की oxidation state क्या होती है?
+2
⭐ Important Exam Points
- cis-platin एक महत्वपूर्ण anti-cancer compound है।
- EDTA एक बहुदन्तुर ligand है।
- Hemoglobin आयरन का coordination compound है।
- Vitamin B₁₂ में cobalt धातु उपस्थित होती है।
- [Ni(CO)₄] में Ni की oxidation state शून्य होती है।
- Werner ने coordination theory प्रस्तुत की थी।
- उप-सहसंयोजी यौगिकों का रंग d-d transition के कारण होता है।
- Ligand electron pair donor के रूप में कार्य करता है।
- K₄[Fe(CN)₆] में Fe की oxidation अवस्था +2 होती है।
- Organometallic compounds में metal-carbon bond उपस्थित होता है।
📌 निष्कर्ष (Conclusion)
इस Fill in the Blanks Quiz Part 1 के माध्यम से विद्यार्थियों को उप-सहसंयोजक यौगिक अध्याय के महत्वपूर्ण concepts का सरल एवं व्यवस्थित अभ्यास करने का अवसर मिलता है। रिक्त स्थान आधारित प्रश्न विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति, concept clarity तथा quick revision क्षमता को मजबूत बनाने में अत्यंत सहायक होते हैं।
इस अध्याय में coordination compounds, ligand behavior, oxidation state तथा biological importance जैसे topics का विशेष महत्व है। यदि विद्यार्थी नियमित रूप से ऐसे fill in the blanks questions का अभ्यास करते हैं तो वे परीक्षा में अधिक आत्मविश्वास के साथ उत्तर लिख पाएंगे और chemistry विषय में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर सकेंगे।
