0.1 M NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) विलयन की तैयारी
Chemistry Practical | कक्षा 11–12 | MP Board | CBSE | अन्य बोर्ड
प्रयोग का उद्देश्य
0.1 M सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) का विलयन तैयार करना तथा उसे अम्ल-क्षार अनुमापन (Acid-Base Titration) एवं अन्य प्रयोगों में उपयोग करना।
परिचय
सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) एक प्रबल क्षार (Strong Base) है। प्रयोगशाला में इसका उपयोग विभिन्न अम्ल-क्षार अनुमापन (Acid-Base Titration), मानक विलयन तैयार करने तथा अनेक रासायनिक प्रयोगों में किया जाता है।
NaOH वायु से नमी (Moisture) तथा कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) को अवशोषित कर लेता है। इसलिए यह Primary Standard पदार्थ नहीं है। इसकी सही सांद्रता ज्ञात करने के लिए बाद में इसका मानकीकरण (Standardization) किसी Primary Standard (जैसे ऑक्सैलिक अम्ल) से किया जाता है।
आवश्यक गणना
NaOH का मोलर द्रव्यमान = 40 g/mol
| विलयन | गणना | आवश्यक NaOH |
|---|---|---|
| 1 L | 0.1 ×40×1 | 4.0 g |
| 500 mL | 0.1×40×0.5 | 2.0 g |
| 250 mL | 0.1×40×0.25 | 1.0 g |
| 100 mL | 0.1×40×0.1 | 0.40 g |
| 50 mL | 0.1×40×0.05 | 0.20 g |
NaOH हवा से CO₂ तथा नमी अवशोषित कर लेता है। इसलिए तौलने के बाद इसे तुरंत डिस्टिल्ड (या CO₂-मुक्त) जल में घोलें तथा बोतल को अच्छी तरह बंद रखें।
आवश्यक उपकरण
- इलेक्ट्रॉनिक बैलेंस
- बीकर (250 mL)
- काँच की छड़
- फनल
- वॉल्यूमेट्रिक फ्लास्क (100 mL या 1 L)
- वॉश बोतल
- स्पैचुला
- स्टॉपर
आवश्यक रसायन
| रसायन | कार्य |
|---|---|
| सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) | विलेय |
| डिस्टिल्ड / CO₂-मुक्त जल | विलायक |
महत्वपूर्ण तथ्य
- NaOH एक Strong Base है।
- यह Primary Standard नहीं है।
- हवा से CO₂ एवं नमी अवशोषित करता है।
- तैयार विलयन का बाद में Standardization किया जाता है।
- हमेशा अच्छी तरह बंद (Air Tight) बोतल में रखें।
0.1 M NaOH विलयन तैयार करने की विधि (Procedure)
Step 1 : आवश्यक मात्रा में NaOH तौलें
इलेक्ट्रॉनिक बैलेंस की सहायता से आवश्यक मात्रा में NaOH शीघ्रता से तौलें।
| विलयन | आवश्यक NaOH |
|---|---|
| 1 L | 4.0 g |
| 100 mL | 0.40 g |
वैज्ञानिक कारण :
NaOH वायु से नमी एवं CO₂ अवशोषित करता है, इसलिए तौलने के तुरंत बाद प्रयोग करें।
Step 2 : CO₂-मुक्त डिस्टिल्ड जल लें
बीकर में लगभग आधा आवश्यक डिस्टिल्ड (या CO₂-मुक्त) जल लें।
100 mL विलयन के लिए लगभग 50 mL जल पर्याप्त है।
1 L विलयन के लिए लगभग 500 mL जल लें।
वैज्ञानिक कारण :
साधारण जल में घुली CO₂, NaOH के साथ अभिक्रिया करके सोडियम कार्बोनेट बना सकती है।
Step 3 : NaOH को जल में घोलें
NaOH को धीरे-धीरे जल में डालें तथा काँच की छड़ से लगातार हिलाते रहें।
कुछ समय में पूरा NaOH घुल जाएगा।
महत्वपूर्ण :
NaOH को घोलते समय ऊष्मा उत्पन्न होती है।
Step 4 : विलयन को ठंडा होने दें
यदि विलयन गर्म हो गया हो तो उसे सामान्य तापमान तक ठंडा होने दें।
कारण :
गर्म अवस्था में आयतन अधिक होता है जिससे मोलरता प्रभावित हो सकती है।
Step 5 : वॉल्यूमेट्रिक फ्लास्क में स्थानांतरित करें
फनल की सहायता से पूरा विलयन वॉल्यूमेट्रिक फ्लास्क में डालें।
बीकर को 2–3 बार डिस्टिल्ड जल से धोकर वही जल भी फ्लास्क में मिला दें।
कारण :
इससे पूरा NaOH फ्लास्क में स्थानांतरित हो जाता है।
Step 6 : आयतन पूरा करें
डिस्टिल्ड जल मिलाकर फ्लास्क के निशान तक आयतन पूरा करें।
मार्क पढ़ते समय आँख का स्तर निशान के बराबर रखें।
Step 7 : अच्छी तरह मिलाएँ
स्टॉपर लगाकर फ्लास्क को 8–10 बार उल्टा-सीधा करें।
अब 0.1 M NaOH विलयन तैयार है।
रासायनिक सिद्धांत
NaOH जल में पूर्णतः आयनित होकर सोडियम (Na⁺) तथा हाइड्रॉक्साइड (OH⁻) आयन देता है।
NaOH एक प्रबल क्षार (Strong Base) है।
वायु की CO₂ से इसकी अभिक्रिया होकर सोडियम कार्बोनेट बनता है।
NaOH का मानकीकरण क्यों आवश्यक है?
NaOH हवा से नमी तथा CO₂ अवशोषित करता है।
इस कारण केवल गणना से तैयार विलयन की वास्तविक मोलरता थोड़ी बदल सकती है।
अतः प्रयोगशाला में इसे प्राथमिक मानक (Primary Standard) जैसे ऑक्सैलिक अम्ल द्वारा Standardize किया जाता है।
सामान्य गलतियाँ (Common Errors)
- NaOH को देर तक खुला छोड़ देना।
- साधारण पानी का उपयोग करना।
- गर्म विलयन में आयतन पूरा करना।
- मार्क से ऊपर आयतन भर देना।
- फ्लास्क को अच्छी तरह न मिलाना।
- बीकर को धोकर फ्लास्क में न डालना।
सावधानियाँ
- NaOH त्वचा पर लगने से जलन पैदा कर सकता है।
- दस्ताने एवं सुरक्षा चश्मा पहनें।
- NaOH को शीघ्रता से तौलें।
- CO₂-मुक्त डिस्टिल्ड जल का उपयोग करें।
- Air Tight बोतल में संग्रहित करें।
- बोतल पर सांद्रता एवं तैयारी की तिथि अवश्य लिखें।
परिणाम (Result)
Quick Revision
| बिंदु | मान |
|---|---|
| रसायन | NaOH |
| मोलर द्रव्यमान | 40 g/mol |
| 1 L हेतु | 4.0 g |
| 100 mL हेतु | 0.40 g |
| विलायक | CO₂-मुक्त डिस्टिल्ड जल |
| प्रकार | Strong Base |
| Primary Standard | नहीं |
| आवश्यक कार्य | Standardization |
Viva-Voce Questions (मौखिक परीक्षा)
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड का रासायनिक सूत्र क्या है?
- NaOH का मोलर द्रव्यमान कितना है?
- 0.1 M NaOH बनाने के लिए 1 L में कितना NaOH चाहिए?
- 100 mL के लिए कितना NaOH चाहिए?
- NaOH किस प्रकार का क्षार है?
- क्या NaOH Primary Standard है?
- NaOH Primary Standard क्यों नहीं है?
- NaOH हवा से कौन-कौन सी गैसें/पदार्थ अवशोषित करता है?
- CO₂-मुक्त जल का उपयोग क्यों किया जाता है?
- NaOH का Standardization क्यों आवश्यक है?
- NaOH का Standardization किस पदार्थ से किया जाता है?
- Volumetric Flask का उपयोग क्यों किया जाता है?
- Parallax Error क्या है?
- NaOH को Air Tight बोतल में क्यों रखा जाता है?
- NaOH घोलते समय ऊष्मा क्यों निकलती है?
- गर्म विलयन में आयतन क्यों नहीं भरते?
- बीकर को धोकर फ्लास्क में क्यों डालते हैं?
- मार्क से ऊपर आयतन भरने पर क्या होगा?
- NaOH का प्रयोग किन प्रयोगों में किया जाता है?
- NaOH त्वचा पर गिर जाए तो क्या करना चाहिए?
MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| NaOH का मोलर द्रव्यमान है | 40 g/mol |
| 1 L 0.1 M NaOH हेतु आवश्यक मात्रा | 4.0 g |
| 100 mL हेतु आवश्यक मात्रा | 0.40 g |
| NaOH किस प्रकार का क्षार है? | Strong Base |
| NaOH किससे अभिक्रिया करता है? | CO₂ |
| NaOH का Standardization किससे किया जाता है? | Oxalic Acid |
| NaOH को किस बोतल में रखते हैं? | Air Tight Bottle |
| NaOH घोलते समय क्या निकलती है? | ऊष्मा (Heat) |
| NaOH Primary Standard है? | नहीं |
| Volumetric Flask का उपयोग | सटीक आयतन तैयार करने हेतु |
एक-पंक्ति प्रश्न (One Liner)
- NaOH का रासायनिक सूत्र लिखिए।
- NaOH का मोलर द्रव्यमान लिखिए।
- 0.1 M का अर्थ क्या है?
- NaOH किस प्रकार का क्षार है?
- Primary Standard किसे कहते हैं?
- NaOH Primary Standard क्यों नहीं है?
- CO₂-मुक्त जल का उपयोग क्यों किया जाता है?
- Standardization क्या है?
- Volumetric Flask का उपयोग लिखिए।
- NaOH का एक उपयोग लिखिए।
लघु उत्तरीय प्रश्न
- 0.1 M NaOH विलयन बनाने की विधि लिखिए।
- NaOH Primary Standard क्यों नहीं है?
- CO₂-मुक्त जल का महत्व लिखिए।
- NaOH का Standardization क्यों आवश्यक है?
- NaOH विलयन बनाते समय सावधानियाँ लिखिए।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
- 0.1 M NaOH विलयन की तैयारी का सिद्धांत, गणना एवं विधि लिखिए।
- NaOH को Primary Standard क्यों नहीं माना जाता? स्पष्ट कीजिए।
- NaOH विलयन तैयार करते समय होने वाली सामान्य त्रुटियाँ एवं सावधानियाँ लिखिए।
Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1. NaOH Primary Standard क्यों नहीं है?क्योंकि यह वायु से नमी तथा CO₂ अवशोषित करता है।
Q2. NaOH का Standardization क्यों किया जाता है?वास्तविक सांद्रता ज्ञात करने के लिए।
Q3. किस Primary Standard से Standardization किया जाता है?ऑक्सैलिक अम्ल से।
Q4. 1 L हेतु कितना NaOH चाहिए?4.0 ग्राम।
Q5. 100 mL हेतु कितना NaOH चाहिए?0.40 ग्राम।
Q6. NaOH घोलते समय ऊष्मा क्यों निकलती है?NaOH का जल में घुलना ऊष्माक्षेपी (Exothermic) प्रक्रिया है।
Q7. Air Tight बोतल क्यों आवश्यक है?CO₂ एवं नमी से बचाने के लिए।
Q8. साधारण जल का उपयोग क्यों नहीं करना चाहिए?उसमें घुली CO₂ विलयन को प्रभावित कर सकती है।
Observation Table
| क्रमांक | अवलोकन | मान |
|---|---|---|
| 1 | रसायन | NaOH |
| 2 | मोलरता | 0.1 M |
| 3 | मोलर द्रव्यमान | 40 g/mol |
| 4 | 1 L हेतु आवश्यक मात्रा | 4.0 g |
| 5 | विलायक | CO₂-मुक्त डिस्टिल्ड जल |
Quick Revision Box
✅ मोलर द्रव्यमान : 40 g/mol
✅ 1 L हेतु : 4.0 g
✅ 100 mL हेतु : 0.40 g
✅ Strong Base
✅ Primary Standard नहीं है
✅ CO₂ अवशोषित करता है
✅ Standardization आवश्यक है
निष्कर्ष (Conclusion)
निर्धारित मात्रा में NaOH लेकर 0.1 M सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन तैयार किया गया। चूँकि NaOH वायु से नमी तथा CO₂ अवशोषित करता है, इसलिए इसकी वास्तविक सांद्रता सुनिश्चित करने हेतु ऑक्सैलिक अम्ल जैसे प्राथमिक मानक से इसका मानकीकरण आवश्यक होता है।

