📚 MP Board Class 10 Science Short Notes
महत्वपूर्ण प्रश्न | सरल भाषा | बोर्ड परीक्षा 2026
📖 परिचय (Introduction)
इस अध्याय में विद्युत धारा तथा चुंबकत्व के बीच संबंध का अध्ययन किया जाता है। जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। इस सिद्धांत के आधार पर विद्युत मोटर, विद्युत घंटी, लाउडस्पीकर, जनित्र तथा ट्रांसफार्मर जैसे अनेक उपकरण कार्य करते हैं।
इस अध्याय में चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ, फ्लेमिंग के नियम, परिनालिका (Solenoid), विद्युत चुंबक तथा घरेलू विद्युत सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय से एक अंक, दो अंक तथा तीन अंक के प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
⚡ Quick Revision
✔️ विद्युत धारा चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है।
✔️ चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कभी नहीं कटती।
✔️ परिनालिका से शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र बनता है।
✔️ विद्युत घंटी में विद्युत चुंबक का उपयोग होता है।
✔️ मोटर में विद्युत ऊर्जा, यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है।
✔️ फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम मोटर में लागू होता है।
📝 महत्वपूर्ण प्रश्न (1–5)
✅ उत्तर : चुंबकीय क्षेत्र।
📘 किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होने पर उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र बन जाता है।
🟠 उदाहरण : तार में धारा प्रवाहित करने पर कम्पास की सुई विचलित हो जाती है।
⭐ बोर्ड परीक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण।
✅ उत्तर : बंद वक्र (Closed Curves)।
📘 चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कभी समाप्त नहीं होतीं, वे बंद वक्र बनाती हैं।
🟠 उदाहरण : दंड चुंबक के चारों ओर बनी क्षेत्र रेखाएँ।
⭐ एक अंक का महत्वपूर्ण प्रश्न।
✅ उत्तर : फ्यूज तथा MCB।
📘 ये उपकरण अधिक धारा आने पर परिपथ को सुरक्षित रखते हैं।
🟠 उदाहरण : घरों के मुख्य विद्युत बोर्ड में MCB लगी होती है।
⭐ सुरक्षा उपायों से प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
✅ उत्तर : धारा बहुत अधिक बढ़ जाती है।
📘 प्रतिरोध कम होने से अचानक अत्यधिक धारा प्रवाहित होने लगती है।
🟠 उदाहरण : शॉर्ट सर्किट होने पर फ्यूज उड़ जाता है।
⭐ कारण सहित प्रश्न भी पूछा जाता है।
✅ उत्तर : हेंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड।
📘 ऑर्स्टेड ने सिद्ध किया कि विद्युत धारा चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न करती है।
🟠 उदाहरण : कम्पास की सुई के विचलन का प्रयोग।
⭐ वैज्ञानिक का नाम बोर्ड परीक्षा में पूछा जाता है।
📝 महत्वपूर्ण प्रश्न (6–10)
✅ उत्तर : प्रतिच्छेद (एक-दूसरे को नहीं काटती)।
📘 यदि क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को काटेंगी तो उस बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दो दिशाएँ हो जाएँगी, जो संभव नहीं है।
🟠 उदाहरण : दंड चुंबक की सभी क्षेत्र रेखाएँ बिना कटे बंद वक्र बनाती हैं।
⭐ "क्षेत्र रेखाओं के गुण" से प्रश्न अक्सर पूछा जाता है।
✅ उत्तर : टेस्ला (Tesla, T)।
📘 चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता (Magnetic Field) का SI मात्रक टेस्ला होता है।
🟠 उदाहरण : शक्तिशाली विद्युत चुंबक का क्षेत्र टेस्ला में मापा जाता है।
⭐ SI मात्रक याद रखना आवश्यक है।
✅ उत्तर : दो (उत्तर एवं दक्षिण)।
📘 प्रत्येक चुंबक में उत्तर (North) तथा दक्षिण (South) नाम के दो ध्रुव होते हैं।
🟠 उदाहरण : दंड चुंबक।
⭐ एक अंक का अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न।
✅ उत्तर : Magnetic Resonance Imaging।
📘 यह शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र की सहायता से शरीर के आंतरिक अंगों की जाँच करने की तकनीक है।
🟠 उदाहरण : मस्तिष्क एवं रीढ़ की जाँच में MRI का उपयोग।
⭐ Full Form बोर्ड परीक्षा में पूछी जा सकती है।
✅ उत्तर : दक्षिण ध्रुव से उत्तर ध्रुव की ओर।
📘 चुंबक के बाहर क्षेत्र रेखाएँ उत्तर से दक्षिण तथा चुंबक के अंदर दक्षिण से उत्तर की ओर जाती हैं।
🟠 उदाहरण : दंड चुंबक की क्षेत्र रेखाओं का चित्र।
⭐ अंदर और बाहर की दिशा में अंतर अवश्य याद रखें।
📝 महत्वपूर्ण प्रश्न (11–15)
✅ उत्तर : मैक्सवेल।
📘 दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम की सहायता से धारा प्रवाहित चालक के चारों ओर बनने वाले चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात की जाती है।
🟠 उदाहरण : यदि अंगूठा धारा की दिशा में हो तो मुड़ी हुई उंगलियाँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताती हैं।
⭐ नियम तथा उसका उपयोग बोर्ड परीक्षा में पूछा जाता है।
✅ उत्तर : तार की कुंडलियों से बनी लंबी बेलनाकार संरचना।
📘 परिनालिका में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर यह शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है।
🟠 उदाहरण : विद्युत चुंबक बनाने में परिनालिका का उपयोग होता है।
⭐ परिभाषा अक्सर पूछी जाती है।
✅ उत्तर : नरम लोहे (Soft Iron) का।
📘 नरम लोहा आसानी से चुंबकित होता है तथा धारा बंद होने पर शीघ्र अपना चुंबकत्व खो देता है।
🟠 उदाहरण : विद्युत घंटी एवं क्रेन में नरम लोहे का क्रोड प्रयोग किया जाता है।
⭐ कठोर एवं नरम लोहे में अंतर भी याद रखें।
✅ उत्तर : चुंबकीय क्षेत्र में धारा प्रवाहित चालक पर लगने वाले बल के सिद्धांत पर।
📘 जब चालक को चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है और उसमें धारा प्रवाहित होती है, तब उस पर बल लगता है जिससे मोटर घूमती है।
🟠 उदाहरण : पंखा, मिक्सर, वॉशिंग मशीन।
⭐ 2 एवं 3 अंक का महत्वपूर्ण प्रश्न।
✅ उत्तर : फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम।
📘 यह नियम बल, चुंबकीय क्षेत्र तथा धारा की दिशा के बीच संबंध बताता है।
🟠 उदाहरण : DC Motor की घूर्णन दिशा ज्ञात करने में।
⭐ फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम बार-बार पूछा जाता है।
📝 महत्वपूर्ण प्रश्न (16–19)
✅ उत्तर : यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करना।
📘 विद्युत जनित्र विद्युत चुंबकीय प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करता है। इसमें कुंडली को चुंबकीय क्षेत्र में घुमाने पर विद्युत धारा उत्पन्न होती है।
🟠 उदाहरण : जलविद्युत एवं ताप विद्युत संयंत्रों में जनित्र का उपयोग।
⭐ मोटर और जनित्र का अंतर अवश्य याद रखें।
✅ उत्तर : फ्लेमिंग का दायाँ हाथ नियम।
📘 यह नियम चुंबकीय क्षेत्र, चालक की गति तथा प्रेरित धारा की दिशा के बीच संबंध बताता है।
🟠 उदाहरण : AC Generator में प्रेरित धारा की दिशा ज्ञात करना।
⭐ बायाँ हाथ = मोटर, दायाँ हाथ = जनित्र।
✅ उत्तर : विद्युत आघात (Electric Shock) से सुरक्षा के लिए।
📘 अर्थिंग द्वारा अतिरिक्त विद्युत धारा पृथ्वी में चली जाती है, जिससे उपकरण और उपयोगकर्ता सुरक्षित रहते हैं।
🟠 उदाहरण : फ्रिज, गीजर एवं वॉशिंग मशीन में अर्थिंग तार।
⭐ सुरक्षा से संबंधित प्रश्न बोर्ड में नियमित पूछे जाते हैं।
✅ उत्तर : कम गलनांक (Low Melting Point)।
📘 अधिक धारा प्रवाहित होने पर फ्यूज तार शीघ्र पिघलकर परिपथ को तोड़ देता है और दुर्घटना से बचाता है।
🟠 उदाहरण : शॉर्ट सर्किट होने पर फ्यूज का उड़ जाना।
⭐ फ्यूज एवं MCB का अंतर भी याद रखें।
📝 अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न (20–30)
✅ उत्तर : चुंबक के चारों ओर का वह क्षेत्र जहाँ उसका बल अनुभव होता है।
📘 इसी क्षेत्र में चुंबकीय प्रभाव कार्य करता है।
🟠 उदाहरण : दंड चुंबक के आसपास का क्षेत्र।
⭐ परिभाषा महत्वपूर्ण है।
✅ उत्तर : उत्तर ध्रुव से।
📘 बाहर की ओर उत्तर से दक्षिण तथा अंदर दक्षिण से उत्तर जाती हैं।
🟠 उदाहरण : बार मैग्नेट।
⭐ दिशा याद रखें।
✅ उत्तर : संकेन्द्रित वृत्ताकार।
📘 धारा प्रवाहित चालक के चारों ओर वृत्ताकार क्षेत्र बनता है।
🟠 उदाहरण : सीधे ताँबे के तार के चारों ओर।
⭐ चित्र सहित पूछा जाता है।
✅ उत्तर : धारा, कुंडलियों की संख्या एवं क्रोड पर।
📘 धारा या कुंडलियाँ बढ़ाने पर चुंबकीय शक्ति बढ़ती है।
🟠 उदाहरण : स्क्रैप क्रेन।
⭐ 2 अंक का प्रश्न।
✅ उत्तर : विद्युत घंटी में।
📘 धारा मिलने पर यह अस्थायी चुंबक बन जाता है।
🟠 उदाहरण : Electric Bell.
⭐ उपयोग याद रखें।
✅ उत्तर : विद्युत मोटर।
📘 इससे चालक पर लगने वाले बल की दिशा ज्ञात होती है।
🟠 उदाहरण : DC Motor.
⭐ बार-बार पूछा जाता है।
✅ उत्तर : विद्युत जनित्र।
📘 इससे प्रेरित धारा की दिशा ज्ञात होती है।
🟠 उदाहरण : AC Generator.
⭐ मोटर और जनित्र में अंतर याद रखें।
✅ उत्तर : बार-बार उपयोग किया जा सकता है।
📘 यह फ्यूज की तरह बदलना नहीं पड़ता।
🟠 उदाहरण : घरेलू वितरण बोर्ड।
⭐ फ्यूज से अंतर पूछा जाता है।
✅ उत्तर : फेज, न्यूट्रल एवं अर्थ।
📘 अर्थ तार सुरक्षा प्रदान करता है।
🟠 उदाहरण : 3-पिन प्लग।
⭐ महत्वपूर्ण तथ्य।
✅ उत्तर : विद्युत पंखा।
📘 मोटर अनेक घरेलू उपकरणों में प्रयुक्त होती है।
🟠 उदाहरण : मिक्सर, कूलर, पंप।
⭐ उपयोग आधारित प्रश्न।
✅ उत्तर : विद्युत चुंबकीय प्रेरण।
📘 चुंबकीय क्षेत्र में चालक की गति से विद्युत धारा उत्पन्न होती है।
🟠 उदाहरण : बिजली उत्पादन केन्द्र।
⭐ 2 अंक का महत्वपूर्ण प्रश्न।
📝 अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न (31–40)
✅ उत्तर : विद्युत चुंबक केवल धारा प्रवाहित होने पर चुंबक बनता है, जबकि स्थायी चुंबक हमेशा चुंबकीय रहता है।
📘 विद्युत चुंबक की शक्ति को आवश्यकता अनुसार बढ़ाया या घटाया जा सकता है, जबकि स्थायी चुंबक की शक्ति निश्चित रहती है।
🟠 उदाहरण : विद्युत घंटी में विद्युत चुंबक तथा कंपास में स्थायी चुंबक।
⭐ बोर्ड परीक्षा में अंतर लिखने के लिए महत्वपूर्ण।
✅ उत्तर : तार की अनेक गोल कुंडलियों से बनी लंबी कुंडली को परिनालिका कहते हैं।
📘 इसमें धारा प्रवाहित करने पर यह शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है।
🟠 उदाहरण : विद्युत चुंबक।
⭐ परिभाषा याद रखें।
✅ उत्तर : लगभग समान (Uniform) होता है।
📘 इसी कारण इसका उपयोग शक्तिशाली विद्युत चुंबक बनाने में किया जाता है।
🟠 उदाहरण : प्रयोगशालाओं में।
⭐ चित्र आधारित प्रश्न आ सकता है।
✅ उत्तर : विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में।
📘 मोटर विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव पर कार्य करती है।
🟠 उदाहरण : पंखा, मिक्सर।
⭐ बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न।
✅ उत्तर : यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में।
📘 यह विद्युत चुंबकीय प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करता है।
🟠 उदाहरण : जल विद्युत संयंत्र।
⭐ मोटर और जनित्र में अंतर याद रखें।
✅ उत्तर : वह धारा जिसकी दिशा समय-समय पर बदलती रहती है।
📘 भारत में घरेलू आपूर्ति AC होती है।
🟠 उदाहरण : 220 V AC।
⭐ AC का पूरा नाम याद रखें।
✅ उत्तर : वह धारा जिसकी दिशा नहीं बदलती।
📘 बैटरी से प्राप्त धारा DC होती है।
🟠 उदाहरण : सेल एवं बैटरी।
⭐ AC और DC का अंतर पूछा जाता है।
✅ उत्तर : जब फेज और न्यूट्रल तार सीधे संपर्क में आ जाएँ।
📘 इससे अत्यधिक धारा प्रवाहित होती है और आग लग सकती है।
🟠 उदाहरण : खराब वायरिंग।
⭐ सुरक्षा संबंधी प्रश्न।
✅ उत्तर : एक ही परिपथ में आवश्यकता से अधिक उपकरण जोड़ देना।
📘 इससे अधिक धारा बहती है और तार गर्म हो जाते हैं।
🟠 उदाहरण : एक ही मल्टीप्लग में कई हीटर लगाना।
⭐ बोर्ड परीक्षा का महत्वपूर्ण प्रश्न।
✅ उत्तर : विद्युत झटके से सुरक्षा के लिए।
📘 रिसाव धारा पृथ्वी में चली जाती है, जिससे दुर्घटना नहीं होती।
🟠 उदाहरण : रेफ्रिजरेटर एवं वॉशिंग मशीन।
⭐ सुरक्षा संबंधी सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न।
📝 अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न (41–50)
✅ उत्तर : अधिक धारा प्रवाहित होने पर परिपथ को सुरक्षित रखना।
📘 फ्यूज का तार अधिक धारा से गर्म होकर पिघल जाता है और विद्युत आपूर्ति बंद कर देता है।
🟠 उदाहरण : घरेलू विद्युत बोर्ड में लगा फ्यूज।
⭐ बोर्ड परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है।
✅ उत्तर : टिन (Tin) और सीसा (Lead) की मिश्रधातु से।
📘 इसका गलनांक कम होता है, इसलिए अधिक धारा पर यह शीघ्र पिघल जाता है।
🟠 उदाहरण : घरेलू फ्यूज।
⭐ महत्वपूर्ण तथ्य।
✅ उत्तर : दक्षिण हस्त अंगुष्ठ (Right Hand Thumb) नियम।
📘 अंगूठा धारा की दिशा तथा मुड़ी हुई उंगलियाँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताती हैं।
🟠 उदाहरण : सीधे चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र।
⭐ नियम का चित्र भी याद रखें।
✅ उत्तर : विद्युत चुंबक के सिद्धांत पर।
📘 धारा प्रवाहित होने पर विद्युत चुंबक आर्मेचर को आकर्षित करता है और घंटी बजती है।
🟠 उदाहरण : स्कूल एवं घर की इलेक्ट्रिक बेल।
⭐ 2 अंक का महत्वपूर्ण प्रश्न।
✅ उत्तर : चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन के कारण चालक में विद्युत धारा उत्पन्न होने की घटना।
📘 इसी सिद्धांत पर जनित्र कार्य करता है।
🟠 उदाहरण : बिजली उत्पादन।
⭐ परिभाषा याद रखें।
✅ उत्तर : विद्युत उत्पादन केन्द्रों में बिजली उत्पन्न करने के लिए।
📘 सभी बड़े पावर प्लांट जनित्र का उपयोग करते हैं।
🟠 उदाहरण : जल विद्युत परियोजना।
⭐ उपयोग आधारित प्रश्न।
✅ उत्तर : मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है, जबकि जनित्र यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है।
📘 दोनों के सिद्धांत अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों में चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग होता है।
🟠 उदाहरण : पंखा (मोटर), पावर स्टेशन (जनित्र)।
⭐ अंतर तालिका के रूप में भी पूछा जा सकता है।
✅ उत्तर : Miniature Circuit Breaker.
📘 यह अधिक धारा होने पर स्वतः परिपथ को बंद कर देता है।
🟠 उदाहरण : आधुनिक घरों के वितरण बोर्ड।
⭐ पूरा नाम अवश्य याद रखें।
✅ उत्तर : हरा (या हरा-पीला)।
📘 यह सुरक्षा हेतु धातु बॉडी को पृथ्वी से जोड़ता है।
🟠 उदाहरण : 3-पिन प्लग।
⭐ तथ्यात्मक प्रश्न।
✅ उत्तर :
दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम
फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम
फ्लेमिंग का दायाँ हाथ नियम
विद्युत मोटर
विद्युत जनित्र
विद्युत चुंबक
परिनालिका (Solenoid)
MCB, फ्यूज एवं अर्थिंग
📘 इन विषयों से 1, 2, 3 तथा 5 अंकों के प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
🟠 उदाहरण : MP Board के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र।
⭐ इन सभी टॉपिक का एक बार अवश्य रिवीजन करें।
❓ Frequently Asked Questions (FAQ)
1. विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव क्या है?
जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।
2. विद्युत धारा और चुंबकत्व का संबंध किसने खोजा?
हेंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड ने।
3. दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम किसलिए प्रयोग किया जाता है?
धारा प्रवाहित चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए।
4. परिनालिका (Solenoid) क्या है?
तार की अनेक कुंडलियों से बनी लंबी बेलनाकार संरचना।
5. विद्युत चुंबक किस धातु से बनाया जाता है?
नरम लोहे से।
6. विद्युत मोटर किस ऊर्जा को किस ऊर्जा में बदलती है?
विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में।
7. विद्युत जनित्र किस ऊर्जा को किस ऊर्जा में बदलता है?
यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में।
8. मोटर में कौन-सा फ्लेमिंग नियम लगता है?
फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम।
9. जनित्र में कौन-सा फ्लेमिंग नियम लगता है?
फ्लेमिंग का दायाँ हाथ नियम।
10. अर्थिंग क्यों की जाती है?
विद्युत आघात से सुरक्षा के लिए।
11. फ्यूज का मुख्य कार्य क्या है?
अधिक धारा आने पर परिपथ को सुरक्षित रखना।
12. MCB का पूरा नाम क्या है?
Miniature Circuit Breaker.
⚡ One Minute Revision
✔️ ऑर्स्टेड ने विद्युत एवं चुंबकत्व का संबंध बताया।
✔️ धारा प्रवाहित चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र बनता है।
✔️ परिनालिका शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है।
✔️ मोटर → विद्युत ऊर्जा → यांत्रिक ऊर्जा।
✔️ जनित्र → यांत्रिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा।
✔️ बायाँ हाथ नियम → मोटर।
✔️ दायाँ हाथ नियम → जनित्र।
✔️ फ्यूज एवं MCB सुरक्षा उपकरण हैं।
✔️ अर्थिंग विद्युत आघात से बचाती है।
✔️ नरम लोहे से विद्युत चुंबक बनाया जाता है।
📚 Chapter Summary (अध्याय सार)
✔️ विद्युत धारा से चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।
✔️ ऑर्स्टेड ने विद्युत एवं चुंबकत्व का संबंध सिद्ध किया।
✔️ दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम से चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात होती है।
✔️ परिनालिका (Solenoid) शक्तिशाली विद्युत चुंबक बनाती है।
✔️ विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है।
✔️ विद्युत जनित्र यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है।
✔️ मोटर में फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम लागू होता है।
✔️ जनित्र में फ्लेमिंग का दायाँ हाथ नियम लागू होता है।
✔️ फ्यूज, MCB तथा अर्थिंग विद्युत सुरक्षा के महत्वपूर्ण साधन हैं।
✔️ यह अध्याय बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
🎯 Conclusion (निष्कर्ष)
विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव अध्याय हमें यह समझाता है कि विद्युत एवं चुंबकत्व एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। इसी सिद्धांत के आधार पर विद्युत मोटर, जनित्र, ट्रांसफार्मर, विद्युत घंटी तथा अनेक आधुनिक उपकरण कार्य करते हैं।
यदि विद्यार्थी दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम, फ्लेमिंग के दोनों नियम, परिनालिका, विद्युत मोटर, जनित्र तथा घरेलू विद्युत सुरक्षा के सिद्धांतों का नियमित अभ्यास करते हैं, तो वे बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय से आने वाले अधिकांश प्रश्न आसानी से हल कर सकते हैं।