TET इतिहास विशेष MCQ
दिल्ली सल्तनत
50 अति-महत्वपूर्ण प्रश्न • उत्तर व Explanation सहित
📚 दिल्ली सल्तनत – TET अध्ययन सामग्री
इस अभ्यास में गुलाम वंश, इल्तुतमिश, रजिया सुल्तान, बलबन, खिलजी वंश, अलाउद्दीन खिलजी, तुगलक वंश, मुहम्मद बिन तुगलक, फिरोज तुगलक, सैयद एवं लोदी वंश तथा प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल हैं।
इस अभ्यास में गुलाम वंश, इल्तुतमिश, रजिया सुल्तान, बलबन, खिलजी वंश, अलाउद्दीन खिलजी, तुगलक वंश, मुहम्मद बिन तुगलक, फिरोज तुगलक, सैयद एवं लोदी वंश तथा प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल हैं।
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पहले विकल्पों में से अपना उत्तर चुनें। फिर “उत्तर देखें” पर क्लिक करें। सही उत्तर के साथ Explanation पढ़ें और गलत प्रश्नों को दोबारा जरूर दोहराएँ।
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भाग–1 : गुलाम वंश और प्रारंभिक सल्तनत
1. दिल्ली सल्तनत का प्रथम वंश कौन-सा माना जाता है?
A) गुलाम/ममलूक वंश
B) खिलजी वंश
C) तुगलक वंश
D) लोदी वंश
✅ सही उत्तर: A) गुलाम/ममलूक वंश
दिल्ली सल्तनत के प्रारंभिक शासक कुतुबुद्दीन ऐबक से संबंधित ममलूक या गुलाम वंश से थे।
दिल्ली सल्तनत के प्रारंभिक शासक कुतुबुद्दीन ऐबक से संबंधित ममलूक या गुलाम वंश से थे।
2. कुतुबुद्दीन ऐबक के बाद दिल्ली की सत्ता किसने संभाली?
A) आरामशाह
B) इल्तुतमिश
C) बलबन
D) रजिया
✅ सही उत्तर: A) आरामशाह
ऐबक की मृत्यु के बाद आरामशाह कुछ समय के लिए शासक बना, जिसके बाद इल्तुतमिश सत्ता में आया।
ऐबक की मृत्यु के बाद आरामशाह कुछ समय के लिए शासक बना, जिसके बाद इल्तुतमिश सत्ता में आया।
3. दिल्ली सल्तनत को वास्तविक रूप से मजबूत करने वाला प्रारंभिक शासक कौन था?
A) इल्तुतमिश
B) आरामशाह
C) नासिरुद्दीन महमूद
D) रजिया
✅ सही उत्तर: A) इल्तुतमिश
इल्तुतमिश ने प्रतिद्वंद्वी शक्तियों को नियंत्रित करके दिल्ली सल्तनत को मजबूत और संगठित किया।
इल्तुतमिश ने प्रतिद्वंद्वी शक्तियों को नियंत्रित करके दिल्ली सल्तनत को मजबूत और संगठित किया।
4. इल्तुतमिश ने किसे अपनी उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया था?
A) रजिया
B) रुकनुद्दीन फिरोज
C) बलबन
D) कैकुबाद
✅ सही उत्तर: A) रजिया
इल्तुतमिश ने अपनी पुत्री रजिया को योग्य उत्तराधिकारी माना था।
इल्तुतमिश ने अपनी पुत्री रजिया को योग्य उत्तराधिकारी माना था।
5. इल्तुतमिश ने किस प्रकार की मुद्रा व्यवस्था को व्यवस्थित किया?
A) चाँदी का टंका और तांबे का जीतल
B) केवल सोने का दीनार
C) केवल तांबे का सिक्का
D) केवल चाँदी का रुपया
✅ सही उत्तर: A) चाँदी का टंका और तांबे का जीतल
इल्तुतमिश ने मुद्रा व्यवस्था को व्यवस्थित रूप दिया और चाँदी के टंका तथा तांबे के जीतल का प्रचलन महत्वपूर्ण रहा।
इल्तुतमिश ने मुद्रा व्यवस्था को व्यवस्थित रूप दिया और चाँदी के टंका तथा तांबे के जीतल का प्रचलन महत्वपूर्ण रहा।
6. इल्तुतमिश के शासन की प्रमुख उपलब्धि क्या थी?
A) दिल्ली सल्तनत को स्थिर करना
B) मुगल साम्राज्य स्थापित करना
C) दक्षिण भारत पर पूर्ण विजय
D) बंगाल में ब्रिटिश शासन स्थापित करना
✅ सही उत्तर: A) दिल्ली सल्तनत को स्थिर करना
इल्तुतमिश ने अनेक विरोधी शक्तियों को नियंत्रित करके सल्तनत की नींव को मजबूत किया।
इल्तुतमिश ने अनेक विरोधी शक्तियों को नियंत्रित करके सल्तनत की नींव को मजबूत किया।
7. रजिया सुल्तान का शासनकाल लगभग किस अवधि में रहा?
A) 1236–1240 ई.
B) 1206–1210 ई.
C) 1290–1296 ई.
D) 1320–1325 ई.
✅ सही उत्तर: A) 1236–1240 ई.
रजिया ने 1236 से 1240 ई. के बीच दिल्ली पर शासन किया।
रजिया ने 1236 से 1240 ई. के बीच दिल्ली पर शासन किया।
8. दिल्ली सल्तनत की पहली और एकमात्र प्रमुख महिला सुल्तान कौन थी?
A) रजिया सुल्तान
B) नूरजहाँ
C) चाँद बीबी
D) जहाँआरा
✅ सही उत्तर: A) रजिया सुल्तान
रजिया दिल्ली सल्तनत की पहली और प्रमुख महिला शासक थी।
रजिया दिल्ली सल्तनत की पहली और प्रमुख महिला शासक थी।
9. रजिया के शासन को किस चुनौती का सामना करना पड़ा?
A) अमीरों का विरोध
B) यूरोपीय कंपनियों का विरोध
C) मुगल आक्रमण
D) मराठा विद्रोह
✅ सही उत्तर: A) अमीरों का विरोध
तुर्क अमीरों का एक प्रभावशाली वर्ग रजिया की स्वतंत्र नीतियों और सत्ता को लेकर उसके विरुद्ध था।
तुर्क अमीरों का एक प्रभावशाली वर्ग रजिया की स्वतंत्र नीतियों और सत्ता को लेकर उसके विरुद्ध था।
10. बलबन किस वंश से संबंधित था?
A) गुलाम वंश
B) खिलजी वंश
C) तुगलक वंश
D) लोदी वंश
✅ सही उत्तर: A) गुलाम वंश
बलबन ममलूक या गुलाम वंश का शक्तिशाली शासक था।
बलबन ममलूक या गुलाम वंश का शक्तिशाली शासक था।
भाग–2 : बलबन और शासन व्यवस्था
11. बलबन की शासन नीति का मुख्य आधार क्या था?
A) कठोर एवं केंद्रीकृत शासन
B) पूर्ण विकेंद्रीकरण
C) लोकतांत्रिक शासन
D) ग्राम पंचायत शासन
✅ सही उत्तर: A) कठोर एवं केंद्रीकृत शासन
बलबन ने सुल्तान की शक्ति और प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए कठोर केंद्रीय शासन अपनाया।
बलबन ने सुल्तान की शक्ति और प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए कठोर केंद्रीय शासन अपनाया।
12. बलबन ने अपने राजत्व के सिद्धांत को किससे जोड़ा?
A) सुल्तान की प्रतिष्ठा और दैवी अधिकार
B) ग्राम स्वराज
C) व्यापारिक संघ
D) किसान सभा
✅ सही उत्तर: A) सुल्तान की प्रतिष्ठा और दैवी अधिकार
बलबन ने सुल्तान की गरिमा और सर्वोच्चता को अत्यधिक महत्व दिया।
बलबन ने सुल्तान की गरिमा और सर्वोच्चता को अत्यधिक महत्व दिया।
13. बलबन के दरबार में कौन-सी प्रथा महत्वपूर्ण थी?
A) सिजदा और पैबोस
B) स्वराज
C) पंचायत
D) खुली सभा
✅ सही उत्तर: A) सिजदा और पैबोस
बलबन ने दरबार में सुल्तान की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए सिजदा और पैबोस जैसी दरबारी प्रथाओं को महत्व दिया।
बलबन ने दरबार में सुल्तान की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए सिजदा और पैबोस जैसी दरबारी प्रथाओं को महत्व दिया।
14. बलबन ने किस आंतरिक समस्या को कठोरता से नियंत्रित किया?
A) मेवाती और डाकुओं की गतिविधियाँ
B) यूरोपीय व्यापार
C) समुद्री डकैती
D) मराठा आंदोलन
✅ सही उत्तर: A) मेवाती और डाकुओं की गतिविधियाँ
बलबन ने दिल्ली के आसपास कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए कठोर कार्रवाई की।
बलबन ने दिल्ली के आसपास कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए कठोर कार्रवाई की।
15. बलबन की नीति का एक महत्वपूर्ण परिणाम क्या हुआ?
A) केंद्रीय सत्ता मजबूत हुई
B) सुल्तान की शक्ति समाप्त हुई
C) साम्राज्य पूरी तरह टूट गया
D) दिल्ली छोड़ दी गई
✅ सही उत्तर: A) केंद्रीय सत्ता मजबूत हुई
बलबन ने अमीरों और विद्रोही शक्तियों पर नियंत्रण स्थापित कर केंद्रीय सत्ता को मजबूत किया।
बलबन ने अमीरों और विद्रोही शक्तियों पर नियंत्रण स्थापित कर केंद्रीय सत्ता को मजबूत किया।
16. दिल्ली सल्तनत में 'चहलगानी' किससे संबंधित थी?
A) तुर्क अमीरों का प्रभावशाली समूह
B) किसानों का संगठन
C) व्यापारियों का संघ
D) सैनिकों का सामान्य दल
✅ सही उत्तर: A) तुर्क अमीरों का प्रभावशाली समूह
चहलगानी या 'चालीसा' इल्तुतमिश से जुड़े शक्तिशाली तुर्क अमीरों का समूह था।
चहलगानी या 'चालीसा' इल्तुतमिश से जुड़े शक्तिशाली तुर्क अमीरों का समूह था।
17. बलबन ने किस प्रकार की राजनीति अपनाकर अमीरों की शक्ति नियंत्रित की?
A) कठोर केंद्रीयकरण
B) पूर्ण स्वतंत्रता
C) सत्ता का विभाजन
D) पंचायत व्यवस्था
✅ सही उत्तर: A) कठोर केंद्रीयकरण
बलबन ने अमीरों की स्वतंत्र शक्ति को सीमित करके सुल्तान की सर्वोच्चता स्थापित की।
बलबन ने अमीरों की स्वतंत्र शक्ति को सीमित करके सुल्तान की सर्वोच्चता स्थापित की।
18. दिल्ली सल्तनत के प्रशासन में 'इक्ता' क्या थी?
A) राजस्व प्राप्ति का क्षेत्रीय अधिकार
B) धार्मिक पुस्तक
C) सैनिक हथियार
D) व्यापारिक जहाज
✅ सही उत्तर: A) राजस्व प्राप्ति का क्षेत्रीय अधिकार
इक्ता व्यवस्था में अधिकारियों को किसी क्षेत्र से राजस्व प्राप्त करने का अधिकार दिया जाता था, जिसके बदले वे प्रशासन एवं सैन्य दायित्व निभाते थे।
इक्ता व्यवस्था में अधिकारियों को किसी क्षेत्र से राजस्व प्राप्त करने का अधिकार दिया जाता था, जिसके बदले वे प्रशासन एवं सैन्य दायित्व निभाते थे।
19. इक्ता का अधिकारी सामान्यतः क्या कहलाता था?
A) मुक्ति/इक्तादार
B) अमीन-ए-आम
C) कोतवाल
D) दीवान
✅ सही उत्तर: A) मुक्ति/इक्तादार
इक्ता का प्रशासन संभालने वाले अधिकारी को सामान्यतः मुक्ति या इक्तादार कहा जाता था।
इक्ता का प्रशासन संभालने वाले अधिकारी को सामान्यतः मुक्ति या इक्तादार कहा जाता था।
20. दिल्ली सल्तनत में केंद्रीय प्रशासन का सर्वोच्च अधिकारी कौन था?
A) सुल्तान
B) ग्राम प्रधान
C) व्यापारी
D) किसान
✅ सही उत्तर: A) सुल्तान
सल्तनत की राजनीतिक व्यवस्था में सुल्तान सर्वोच्च शासकीय प्राधिकारी था।
सल्तनत की राजनीतिक व्यवस्था में सुल्तान सर्वोच्च शासकीय प्राधिकारी था।
भाग–3 : खिलजी वंश और अलाउद्दीन खिलजी
21. खिलजी वंश की स्थापना किसने की?
A) जलालुद्दीन खिलजी
B) अलाउद्दीन खिलजी
C) गयासुद्दीन तुगलक
D) सिकंदर लोदी
✅ सही उत्तर: A) जलालुद्दीन खिलजी
1290 ई. में जलालुद्दीन खिलजी ने खिलजी वंश की स्थापना की।
1290 ई. में जलालुद्दीन खिलजी ने खिलजी वंश की स्थापना की।
22. अलाउद्दीन खिलजी ने किसके बाद सत्ता प्राप्त की?
A) जलालुद्दीन खिलजी
B) बलबन
C) इल्तुतमिश
D) फिरोज तुगलक
✅ सही उत्तर: A) जलालुद्दीन खिलजी
अलाउद्दीन खिलजी ने जलालुद्दीन खिलजी की हत्या के बाद सत्ता प्राप्त की।
अलाउद्दीन खिलजी ने जलालुद्दीन खिलजी की हत्या के बाद सत्ता प्राप्त की।
23. अलाउद्दीन खिलजी की बाजार नियंत्रण नीति का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A) वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखना
B) व्यापार समाप्त करना
C) किसानों को हटाना
D) बाजार बंद करना
✅ सही उत्तर: A) वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखना
अलाउद्दीन ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए व्यापक बाजार व्यवस्था बनाई।
अलाउद्दीन ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए व्यापक बाजार व्यवस्था बनाई।
24. अलाउद्दीन खिलजी की बाजार व्यवस्था का एक प्रमुख उद्देश्य क्या था?
A) बड़ी सेना को अपेक्षाकृत कम खर्च में बनाए रखना
B) सेना समाप्त करना
C) व्यापारियों को कर-मुक्त करना
D) खेती बंद करना
✅ सही उत्तर: A) बड़ी सेना को अपेक्षाकृत कम खर्च में बनाए रखना
कम कीमतों से सैनिकों के वेतन पर राज्य का दबाव नियंत्रित रखने में सहायता मिलती थी।
कम कीमतों से सैनिकों के वेतन पर राज्य का दबाव नियंत्रित रखने में सहायता मिलती थी।
25. अलाउद्दीन खिलजी के दक्षिणी अभियानों का प्रमुख सेनापति कौन था?
A) मलिक काफूर
B) बैरम खाँ
C) अबुल फजल
D) टोडरमल
✅ सही उत्तर: A) मलिक काफूर
मलिक काफूर ने अलाउद्दीन के दक्षिणी अभियानों में महत्वपूर्ण सैन्य भूमिका निभाई।
मलिक काफूर ने अलाउद्दीन के दक्षिणी अभियानों में महत्वपूर्ण सैन्य भूमिका निभाई।
26. अलाउद्दीन खिलजी ने किस प्रकार की भूमि-राजस्व नीति अपनाई?
A) राजस्व व्यवस्था को कठोर एवं व्यवस्थित किया
B) सभी कर समाप्त कर दिए
C) केवल व्यापार कर लिया
D) भूमि कर पूरी तरह समाप्त किया
✅ सही उत्तर: A) राजस्व व्यवस्था को कठोर एवं व्यवस्थित किया
अलाउद्दीन ने विशेषकर दोआब क्षेत्र में राजस्व वसूली को मजबूत और नियंत्रित किया।
अलाउद्दीन ने विशेषकर दोआब क्षेत्र में राजस्व वसूली को मजबूत और नियंत्रित किया।
27. अलाउद्दीन खिलजी ने सेना में किस व्यवस्था को महत्व दिया?
A) घोड़ों को दागना और सैनिकों का हुलिया रखना
B) सेना को समाप्त करना
C) केवल पैदल सेना रखना
D) सैनिकों को स्वतंत्र करना
✅ सही उत्तर: A) घोड़ों को दागना और सैनिकों का हुलिया रखना
सेना में भ्रष्टाचार रोकने और वास्तविक सैनिक शक्ति सुनिश्चित करने के लिए दाग और हुलिया व्यवस्था महत्वपूर्ण थी।
सेना में भ्रष्टाचार रोकने और वास्तविक सैनिक शक्ति सुनिश्चित करने के लिए दाग और हुलिया व्यवस्था महत्वपूर्ण थी।
28. अलाउद्दीन खिलजी ने मंगोल आक्रमणों का सामना करने के लिए क्या किया?
A) मजबूत सैन्य व्यवस्था विकसित की
B) दिल्ली छोड़ दी
C) सेना समाप्त कर दी
D) राजधानी दक्षिण में स्थानांतरित कर दी
✅ सही उत्तर: A) मजबूत सैन्य व्यवस्था विकसित की
अलाउद्दीन के शासन में मंगोल आक्रमणों से रक्षा के लिए बड़ी और संगठित सेना रखी गई।
अलाउद्दीन के शासन में मंगोल आक्रमणों से रक्षा के लिए बड़ी और संगठित सेना रखी गई।
29. अलाउद्दीन खिलजी के शासन में दिल्ली की सुरक्षा के लिए कौन-सा क्षेत्र विशेष महत्व रखता था?
A) उत्तर-पश्चिमी सीमा
B) केवल बंगाल
C) केवल दक्षिण भारत
D) केवल असम
✅ सही उत्तर: A) उत्तर-पश्चिमी सीमा
मंगोल आक्रमणों के कारण उत्तर-पश्चिमी सीमा की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण थी।
मंगोल आक्रमणों के कारण उत्तर-पश्चिमी सीमा की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण थी।
30. अलाउद्दीन खिलजी के शासन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में कौन-सी शामिल है?
A) बाजार नियंत्रण और मजबूत केंद्रीय सत्ता
B) कमजोर प्रशासन
C) करों का पूर्ण अंत
D) सेना का विघटन
✅ सही उत्तर: A) बाजार नियंत्रण और मजबूत केंद्रीय सत्ता
अलाउद्दीन ने प्रशासन, राजस्व, बाजार और सेना पर मजबूत नियंत्रण स्थापित किया।
अलाउद्दीन ने प्रशासन, राजस्व, बाजार और सेना पर मजबूत नियंत्रण स्थापित किया।
भाग–4 : तुगलक वंश
31. तुगलक वंश की स्थापना किसने की?
A) गयासुद्दीन तुगलक
B) मुहम्मद बिन तुगलक
C) फिरोज तुगलक
D) नासिरुद्दीन
✅ सही उत्तर: A) गयासुद्दीन तुगलक
1320 ई. में गयासुद्दीन तुगलक ने तुगलक वंश की स्थापना की।
1320 ई. में गयासुद्दीन तुगलक ने तुगलक वंश की स्थापना की।
32. मुहम्मद बिन तुगलक की सबसे चर्चित योजनाओं में कौन-सी थी?
A) राजधानी को दिल्ली से दौलताबाद ले जाना
B) राजधानी को आगरा से दिल्ली लाना
C) समुद्री राजधानी बनाना
D) राजधानी समाप्त करना
✅ सही उत्तर: A) राजधानी को दिल्ली से दौलताबाद ले जाना
मुहम्मद बिन तुगलक ने दिल्ली से देवगिरि/दौलताबाद को राजधानी बनाने का प्रयास किया।
मुहम्मद बिन तुगलक ने दिल्ली से देवगिरि/दौलताबाद को राजधानी बनाने का प्रयास किया।
33. मुहम्मद बिन तुगलक की टोकन मुद्रा किस धातु से संबंधित थी?
A) तांबा और पीतल
B) केवल सोना
C) केवल चाँदी
D) लोहा
✅ सही उत्तर: A) तांबा और पीतल
मुहम्मद बिन तुगलक ने तांबे और पीतल के टोकन सिक्कों को चाँदी के टंका के समान मूल्य देने का प्रयास किया।
मुहम्मद बिन तुगलक ने तांबे और पीतल के टोकन सिक्कों को चाँदी के टंका के समान मूल्य देने का प्रयास किया।
34. टोकन मुद्रा योजना असफल होने का प्रमुख कारण क्या था?
A) नकली सिक्कों का बड़े पैमाने पर चलन
B) सोने की कमी
C) व्यापार का पूर्ण अंत
D) किसानों का अभाव
✅ सही उत्तर: A) नकली सिक्कों का बड़े पैमाने पर चलन
लोगों ने घरों में भी टोकन सिक्के बनाने शुरू कर दिए, जिससे योजना पर नियंत्रण कठिन हो गया।
लोगों ने घरों में भी टोकन सिक्के बनाने शुरू कर दिए, जिससे योजना पर नियंत्रण कठिन हो गया।
35. मुहम्मद बिन तुगलक की दोआब नीति किससे संबंधित थी?
A) भूमि-राजस्व
B) समुद्री व्यापार
C) मुद्रा निर्माण
D) धार्मिक शिक्षा
✅ सही उत्तर: A) भूमि-राजस्व
दोआब क्षेत्र में राजस्व की मांग बढ़ाने की नीति ने किसानों पर भारी दबाव डाला, विशेषकर प्रतिकूल कृषि परिस्थितियों में।
दोआब क्षेत्र में राजस्व की मांग बढ़ाने की नीति ने किसानों पर भारी दबाव डाला, विशेषकर प्रतिकूल कृषि परिस्थितियों में।
36. मुहम्मद बिन तुगलक की योजनाओं को इतिहास में किस कारण विशेष रूप से याद किया जाता है?
A) अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएँ और उनके मिश्रित परिणाम
B) केवल स्थापत्य निर्माण
C) समुद्री विजय
D) मुगल शासन
✅ सही उत्तर: A) अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएँ और उनके मिश्रित परिणाम
राजधानी परिवर्तन, टोकन मुद्रा और राजस्व जैसी योजनाएँ उसकी महत्वाकांक्षी प्रशासनिक सोच को दर्शाती हैं।
राजधानी परिवर्तन, टोकन मुद्रा और राजस्व जैसी योजनाएँ उसकी महत्वाकांक्षी प्रशासनिक सोच को दर्शाती हैं।
37. फिरोज शाह तुगलक ने किस क्षेत्र में विशेष रुचि दिखाई?
A) सिंचाई और लोक-निर्माण
B) समुद्री युद्ध
C) यूरोपीय व्यापार
D) बारूद निर्माण
✅ सही उत्तर: A) सिंचाई और लोक-निर्माण
फिरोज तुगलक ने नहरों, बागों, भवनों और अन्य लोक-निर्माण कार्यों को प्रोत्साहित किया।
फिरोज तुगलक ने नहरों, बागों, भवनों और अन्य लोक-निर्माण कार्यों को प्रोत्साहित किया।
38. फिरोज शाह तुगलक ने किसानों के लिए किस क्षेत्र में कार्य किया?
A) सिंचाई व्यवस्था का विस्तार
B) खेती बंद करना
C) समुद्री व्यापार समाप्त करना
D) भूमि छोड़ना
✅ सही उत्तर: A) सिंचाई व्यवस्था का विस्तार
नहरों और सिंचाई सुविधाओं के निर्माण से कृषि को सहायता मिली।
नहरों और सिंचाई सुविधाओं के निर्माण से कृषि को सहायता मिली।
39. फिरोज तुगलक के समय किस प्रकार के निर्माण कार्य बढ़े?
A) नहर, नगर और भवन
B) केवल समुद्री बंदरगाह
C) केवल किले
D) केवल मंदिर
✅ सही उत्तर: A) नहर, नगर और भवन
फिरोज तुगलक ने लोक-निर्माण, नहरों और नए नगरों के विकास को प्रोत्साहित किया।
फिरोज तुगलक ने लोक-निर्माण, नहरों और नए नगरों के विकास को प्रोत्साहित किया।
40. तुगलक काल को पढ़ाते समय मुहम्मद और फिरोज तुगलक की तुलना क्यों उपयोगी है?
A) दोनों की प्रशासनिक नीतियों का अंतर स्पष्ट होता है
B) केवल उनके नाम याद होते हैं
C) केवल राजधानी याद होती है
D) कोई लाभ नहीं
✅ सही उत्तर: A) दोनों की प्रशासनिक नीतियों का अंतर स्पष्ट होता है
मुहम्मद तुगलक की महत्वाकांक्षी योजनाओं और फिरोज तुगलक के लोक-निर्माण कार्यों की तुलना से शासन की विभिन्न प्राथमिकताएँ समझी जा सकती हैं।
मुहम्मद तुगलक की महत्वाकांक्षी योजनाओं और फिरोज तुगलक के लोक-निर्माण कार्यों की तुलना से शासन की विभिन्न प्राथमिकताएँ समझी जा सकती हैं।
भाग–5 : सैयद, लोदी और परीक्षा दृष्टिकोण
41. तुगलक वंश के बाद दिल्ली सल्तनत में कौन-सा वंश आया?
A) सैयद वंश
B) मुगल वंश
C) मौर्य वंश
D) गुप्त वंश
✅ सही उत्तर: A) सैयद वंश
तुगलक वंश के बाद 15वीं शताब्दी में सैयद वंश का शासन आया।
तुगलक वंश के बाद 15वीं शताब्दी में सैयद वंश का शासन आया।
42. सैयद वंश का संस्थापक कौन था?
A) खिज्र खाँ
B) बहलोल लोदी
C) सिकंदर लोदी
D) इब्राहिम लोदी
✅ सही उत्तर: A) खिज्र खाँ
खिज्र खाँ ने 1414 ई. में सैयद वंश की स्थापना की।
खिज्र खाँ ने 1414 ई. में सैयद वंश की स्थापना की।
43. लोदी वंश की स्थापना किसने की?
A) बहलोल लोदी
B) सिकंदर लोदी
C) इब्राहिम लोदी
D) दौलत खाँ
✅ सही उत्तर: A) बहलोल लोदी
बहलोल लोदी ने 1451 ई. में लोदी वंश की स्थापना की।
बहलोल लोदी ने 1451 ई. में लोदी वंश की स्थापना की।
44. दिल्ली सल्तनत का पहला अफगान वंश कौन-सा था?
A) लोदी वंश
B) गुलाम वंश
C) खिलजी वंश
D) तुगलक वंश
✅ सही उत्तर: A) लोदी वंश
लोदी वंश दिल्ली सल्तनत का पहला अफगान वंश था।
लोदी वंश दिल्ली सल्तनत का पहला अफगान वंश था।
45. सिकंदर लोदी ने किस नगर को विशेष महत्व दिया?
A) आगरा
B) पाटलिपुत्र
C) अजमेर
D) उज्जैन
✅ सही उत्तर: A) आगरा
सिकंदर लोदी ने 1504 ई. में आगरा नगर की स्थापना कर उसे अपने शासन का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया।
सिकंदर लोदी ने 1504 ई. में आगरा नगर की स्थापना कर उसे अपने शासन का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया।
46. दिल्ली सल्तनत का अंतिम सुल्तान कौन था?
A) इब्राहिम लोदी
B) सिकंदर लोदी
C) बहलोल लोदी
D) खिज्र खाँ
✅ सही उत्तर: A) इब्राहिम लोदी
इब्राहिम लोदी दिल्ली सल्तनत का अंतिम सुल्तान था। 1526 ई. में प्रथम पानीपत के युद्ध में उसकी हार के साथ लोदी सत्ता समाप्त हुई।
इब्राहिम लोदी दिल्ली सल्तनत का अंतिम सुल्तान था। 1526 ई. में प्रथम पानीपत के युद्ध में उसकी हार के साथ लोदी सत्ता समाप्त हुई।
47. प्रथम पानीपत का युद्ध किनके बीच हुआ?
A) बाबर और इब्राहिम लोदी
B) अकबर और हेमू
C) बाबर और राणा सांगा
D) शेरशाह और हुमायूँ
✅ सही उत्तर: A) बाबर और इब्राहिम लोदी
1526 ई. में बाबर ने इब्राहिम लोदी को पराजित किया और भारत में मुगल सत्ता की नींव रखी।
1526 ई. में बाबर ने इब्राहिम लोदी को पराजित किया और भारत में मुगल सत्ता की नींव रखी।
48. दिल्ली सल्तनत के क्रम को पढ़ाने के लिए निम्न में से कौन-सी समयरेखा सही है?
A) गुलाम → खिलजी → तुगलक → सैयद → लोदी
B) खिलजी → गुलाम → लोदी → तुगलक → सैयद
C) तुगलक → गुलाम → खिलजी → लोदी → सैयद
D) लोदी → सैयद → तुगलक → खिलजी → गुलाम
✅ सही उत्तर: A) गुलाम → खिलजी → तुगलक → सैयद → लोदी
दिल्ली सल्तनत के प्रमुख वंशों का सामान्य क्रम यही है।
दिल्ली सल्तनत के प्रमुख वंशों का सामान्य क्रम यही है।
49. TET की दृष्टि से दिल्ली सल्तनत पढ़ाने का सबसे प्रभावी तरीका कौन-सा है?
A) वंश, शासक, नीतियाँ और परिणाम की तुलना
B) केवल तिथियाँ रटवाना
C) केवल राजाओं के नाम याद करवाना
D) केवल युद्धों की सूची देना
✅ सही उत्तर: A) वंश, शासक, नीतियाँ और परिणाम की तुलना
तुलनात्मक अध्ययन विद्यार्थियों को घटनाओं के कारण, नीति और परिणाम समझने में अधिक सहायता करता है।
तुलनात्मक अध्ययन विद्यार्थियों को घटनाओं के कारण, नीति और परिणाम समझने में अधिक सहायता करता है।
50. दिल्ली सल्तनत के अध्ययन का सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पक्ष क्या है?
A) राजनीतिक सत्ता, प्रशासन और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन
B) केवल युद्ध
C) केवल राजाओं की जन्मतिथि
D) केवल स्थापत्य
✅ सही उत्तर: A) राजनीतिक सत्ता, प्रशासन और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन
दिल्ली सल्तनत को समझने के लिए केवल शासकों की सूची नहीं, बल्कि शासन, राजस्व, सेना, बाजार और समाज में हुए परिवर्तनों को भी समझना आवश्यक है।
दिल्ली सल्तनत को समझने के लिए केवल शासकों की सूची नहीं, बल्कि शासन, राजस्व, सेना, बाजार और समाज में हुए परिवर्तनों को भी समझना आवश्यक है।
📌 दिल्ली सल्तनत – QUICK REVISION
गुलाम वंश — कुतुबुद्दीन ऐबक, इल्तुतमिश, रजिया, बलबन
इल्तुतमिश — सल्तनत का सुदृढ़ीकरण, टंका-जीटल
रजिया — दिल्ली की प्रमुख महिला सुल्तान
बलबन — केंद्रीकरण, कठोर शासन, सुल्तान की प्रतिष्ठा
खिलजी वंश — जलालुद्दीन खिलजी, अलाउद्दीन खिलजी
अलाउद्दीन — बाजार नियंत्रण, राजस्व सुधार, विशाल सेना
तुगलक वंश — गयासुद्दीन, मुहम्मद बिन तुगलक, फिरोज तुगलक
मुहम्मद तुगलक — राजधानी परिवर्तन, टोकन मुद्रा, दोआब नीति
फिरोज तुगलक — नहरें एवं लोक-निर्माण
सैयद वंश — खिज्र खाँ
लोदी वंश — बहलोल, सिकंदर, इब्राहिम
1526 ई. — प्रथम पानीपत का युद्ध और दिल्ली सल्तनत का अंत
गुलाम वंश — कुतुबुद्दीन ऐबक, इल्तुतमिश, रजिया, बलबन
इल्तुतमिश — सल्तनत का सुदृढ़ीकरण, टंका-जीटल
रजिया — दिल्ली की प्रमुख महिला सुल्तान
बलबन — केंद्रीकरण, कठोर शासन, सुल्तान की प्रतिष्ठा
खिलजी वंश — जलालुद्दीन खिलजी, अलाउद्दीन खिलजी
अलाउद्दीन — बाजार नियंत्रण, राजस्व सुधार, विशाल सेना
तुगलक वंश — गयासुद्दीन, मुहम्मद बिन तुगलक, फिरोज तुगलक
मुहम्मद तुगलक — राजधानी परिवर्तन, टोकन मुद्रा, दोआब नीति
फिरोज तुगलक — नहरें एवं लोक-निर्माण
सैयद वंश — खिज्र खाँ
लोदी वंश — बहलोल, सिकंदर, इब्राहिम
1526 ई. — प्रथम पानीपत का युद्ध और दिल्ली सल्तनत का अंत
