इतिहास TET विशेष MCQ
टॉपिक – गौरी काल
50 अति-महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न
उत्तर देखें • Explanation पढ़ें • TET की तैयारी करें
📚 इतिहास का महत्वपूर्ण टॉपिक: गौरी काल
इस अभ्यास में मुहम्मद गौरी, उसके भारत अभियान, तराइन के युद्ध, पृथ्वीराज चौहान, जयचंद, चंदावर का युद्ध, कुतुबुद्दीन ऐबक तथा भारत में तुर्की सत्ता की स्थापना से जुड़े परीक्षा उपयोगी प्रश्न शामिल हैं।
इस अभ्यास में मुहम्मद गौरी, उसके भारत अभियान, तराइन के युद्ध, पृथ्वीराज चौहान, जयचंद, चंदावर का युद्ध, कुतुबुद्दीन ऐबक तथा भारत में तुर्की सत्ता की स्थापना से जुड़े परीक्षा उपयोगी प्रश्न शामिल हैं।
🎯 परीक्षा रणनीति:
पहले प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्वयं चुनें। इसके बाद
“उत्तर देखें” पर क्लिक करके सही उत्तर और Explanation पढ़ें।
भाग – 1 | मुहम्मद गौरी और उसके अभियान
1. भारत पर आक्रमण करने वाला प्रसिद्ध गौरी शासक कौन था?
✅ सही उत्तर: A) मुहम्मद गौरी
मुहम्मद गौरी ने 12वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में भारत में अपने राजनीतिक विस्तार का प्रयास किया।
2. मुहम्मद गौरी किस क्षेत्र से संबंधित था?
✅ सही उत्तर: A) घोर
मुहम्मद गौरी का संबंध अफगानिस्तान के घोर क्षेत्र से था।
3. मुहम्मद गौरी का भारत में प्रमुख उद्देश्य क्या था?
✅ सही उत्तर: A) राजनीतिक प्रभुत्व स्थापित करना
गौरी के भारतीय अभियानों का प्रमुख उद्देश्य क्षेत्रीय विजय और राजनीतिक सत्ता का विस्तार था।
4. मुहम्मद गौरी ने भारत में अपना पहला महत्वपूर्ण अभियान किस क्षेत्र के विरुद्ध किया?
✅ सही उत्तर: A) मुल्तान
गौरी ने भारत की ओर अपने शुरुआती अभियानों में मुल्तान क्षेत्र को लक्ष्य बनाया था।
5. मुहम्मद गौरी ने गुजरात पर आक्रमण कब किया था?
✅ सही उत्तर: A) 1178 ई.
1178 ई. में गौरी ने गुजरात की ओर अभियान किया, लेकिन उसे चालुक्य शासक के विरुद्ध पराजय मिली।
6. 1178 ई. के गुजरात युद्ध में मुहम्मद गौरी को किस प्रकार का परिणाम मिला?
✅ सही उत्तर: A) पराजय
गुजरात अभियान में गौरी को चालुक्य शक्ति के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा।
7. गुजरात में पराजय के बाद गौरी ने किस क्षेत्र की ओर अपना ध्यान अधिक केंद्रित किया?
✅ सही उत्तर: A) पंजाब और उत्तर-पश्चिमी भारत
गुजरात में असफलता के बाद गौरी ने उत्तर-पश्चिम से भारत में आगे बढ़ने की रणनीति अपनाई।
8. मुहम्मद गौरी ने पंजाब में किस महत्वपूर्ण क्षेत्र पर अधिकार स्थापित किया?
✅ सही उत्तर: A) लाहौर
लाहौर पर नियंत्रण ने गौरी को उत्तर भारत की ओर आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान किया।
9. भारत में गौरी के विस्तार का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र कौन-सा बना?
✅ सही उत्तर: A) उत्तर भारत
गौरी की निर्णायक विजयों का केंद्र उत्तर भारत रहा।
10. मुहम्मद गौरी के भारतीय अभियानों का परिणाम क्या रहा?
✅ सही उत्तर: A) उत्तर भारत में तुर्की राजनीतिक सत्ता का आधार मजबूत हुआ
गौरी की विजयों के बाद उसके अधीन तुर्की सत्ता के लिए उत्तर भारत में मजबूत आधार बना।
भाग – 2 | तराइन के युद्ध
11. प्रथम तराइन का युद्ध कब हुआ?
✅ सही उत्तर: A) 1191 ई.
प्रथम तराइन का युद्ध 1191 ई. में पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद गौरी के बीच हुआ।
12. प्रथम तराइन के युद्ध में किसकी विजय हुई?
✅ सही उत्तर: A) पृथ्वीराज चौहान
1191 ई. के प्रथम तराइन युद्ध में पृथ्वीराज चौहान की सेना ने गौरी को पराजित किया।
13. द्वितीय तराइन का युद्ध कब हुआ?
✅ सही उत्तर: A) 1192 ई.
1192 ई. का द्वितीय तराइन युद्ध उत्तर भारत के इतिहास की निर्णायक घटनाओं में से एक था।
14. द्वितीय तराइन के युद्ध में किसकी विजय हुई?
✅ सही उत्तर: A) मुहम्मद गौरी
1192 ई. में गौरी ने पृथ्वीराज चौहान को पराजित किया और उत्तर भारत में अपनी स्थिति मजबूत की।
15. तराइन के युद्ध में गौरी का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कौन था?
✅ सही उत्तर: A) पृथ्वीराज चौहान
पृथ्वीराज चौहान अजमेर और दिल्ली क्षेत्र का शक्तिशाली चौहान शासक था और गौरी का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बना।
16. पृथ्वीराज चौहान किस वंश से संबंधित था?
✅ सही उत्तर: A) चौहान
पृथ्वीराज चौहान चौहान या चाहमान वंश का प्रमुख शासक था।
17. द्वितीय तराइन की विजय का सबसे बड़ा राजनीतिक परिणाम क्या हुआ?
✅ सही उत्तर: A) उत्तर भारत में गौरी की सत्ता का मार्ग खुला
द्वितीय तराइन के बाद दिल्ली-अजमेर सहित उत्तर भारत के बड़े हिस्से पर तुर्की प्रभाव तेजी से बढ़ा।
18. प्रथम और द्वितीय तराइन युद्धों में मुख्य अंतर क्या था?
✅ सही उत्तर: A) पहले में चौहान विजयी और दूसरे में गौरी विजयी हुआ
1191 के प्रथम युद्ध में चौहान पक्ष विजयी रहा, जबकि 1192 के दूसरे युद्ध में गौरी विजयी हुआ।
19. तराइन का युद्ध इतिहास शिक्षण में किस प्रकार का उदाहरण है?
✅ सही उत्तर: A) राजनीतिक शक्तियों के संघर्ष का
तराइन के युद्धों के माध्यम से मध्यकालीन उत्तर भारत में विभिन्न राजनीतिक शक्तियों के संघर्ष को समझा जा सकता है।
20. TET की दृष्टि से तराइन के युद्धों में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य कौन-सा है?
✅ सही उत्तर: A) 1191 में चौहान विजय और 1192 में गौरी विजय
यह दोनों युद्धों के बीच सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा-उपयोगी अंतर है।
भाग – 3 | पृथ्वीराज चौहान और कन्नौज
21. पृथ्वीराज चौहान की राजधानी से संबंधित प्रमुख नगर कौन-से थे?
✅ सही उत्तर: A) अजमेर और दिल्ली
पृथ्वीराज चौहान का राजनीतिक प्रभाव अजमेर और दिल्ली क्षेत्र में महत्वपूर्ण था।
22. पृथ्वीराज चौहान से संबंधित प्रसिद्ध साहित्यिक ग्रंथ कौन-सा है?
✅ सही उत्तर: A) पृथ्वीराज रासो
पृथ्वीराज रासो परंपरागत रूप से चंदबरदाई से संबद्ध किया जाता है, हालांकि इसके वर्तमान रूप और ऐतिहासिक विवरण पर विद्वानों में मतभेद हैं।
23. पृथ्वीराज चौहान का एक प्रमुख समकालीन शासक कौन था?
✅ सही उत्तर: A) जयचंद
कन्नौज के गाहड़वाल शासक जयचंद पृथ्वीराज चौहान के समकालीन शक्तिशाली शासक थे।
24. जयचंद किस वंश से संबंधित था?
✅ सही उत्तर: A) गाहड़वाल
जयचंद कन्नौज के गाहड़वाल वंश का प्रमुख शासक था।
25. मुहम्मद गौरी और जयचंद के बीच निर्णायक युद्ध कौन-सा था?
✅ सही उत्तर: A) चंदावर का युद्ध
1194 ई. के चंदावर युद्ध में मुहम्मद गौरी ने कन्नौज के शासक जयचंद को पराजित किया।
26. चंदावर का युद्ध कब हुआ?
✅ सही उत्तर: A) 1194 ई.
1194 ई. में चंदावर के युद्ध में गौरी ने जयचंद को पराजित किया।
27. चंदावर का युद्ध मुख्यतः किन शक्तियों के बीच हुआ?
✅ सही उत्तर: A) मुहम्मद गौरी और जयचंद
चंदावर का युद्ध गौरी और कन्नौज के गाहड़वाल शासक जयचंद के बीच हुआ।
28. चंदावर की विजय से गौरी को किस क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाने में सहायता मिली?
✅ सही उत्तर: A) गंगा-यमुना क्षेत्र
जयचंद की पराजय के बाद गंगा-यमुना क्षेत्र में तुर्की सत्ता का प्रभाव बढ़ा।
29. पृथ्वीराज चौहान और जयचंद को इतिहास में किस रूप में देखा जाता है?
✅ सही उत्तर: A) उत्तर भारत के प्रमुख राजपूत शासक
12वीं शताब्दी में पृथ्वीराज और जयचंद उत्तर भारत की प्रमुख राजपूत राजनीतिक शक्तियों में थे।
30. TET में तराइन और चंदावर के युद्धों को साथ पढ़ाने का प्रमुख लाभ क्या है?
✅ सही उत्तर: A) गौरी के उत्तर भारत में विस्तार की क्रमिक प्रक्रिया समझ आती है
1192 के तराइन और 1194 के चंदावर ने उत्तर भारत में गौरी की राजनीतिक स्थिति को मजबूत किया।
भाग – 4 | कुतुबुद्दीन ऐबक और गौरी की विरासत
31. मुहम्मद गौरी का भारत में प्रमुख सेनापति और प्रतिनिधि कौन था?
✅ सही उत्तर: A) कुतुबुद्दीन ऐबक
कुतुबुद्दीन ऐबक गौरी का विश्वसनीय सैन्य अधिकारी था और भारत में उसकी विजयों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
32. मुहम्मद गौरी की मृत्यु कब हुई?
✅ सही उत्तर: A) 1206 ई.
मुहम्मद गौरी की मृत्यु 1206 ई. में हुई। इसके बाद भारत में उसके पूर्व दास और सेनापति स्वतंत्र राजनीतिक सत्ता स्थापित करने लगे।
33. गौरी की मृत्यु के बाद भारत में उसके क्षेत्र का प्रमुख उत्तराधिकारी कौन बना?
✅ सही उत्तर: A) कुतुबुद्दीन ऐबक
1206 ई. के बाद कुतुबुद्दीन ऐबक ने भारत में स्वतंत्र सत्ता स्थापित की।
34. कुतुबुद्दीन ऐबक किस वंश का संस्थापक माना जाता है?
✅ सही उत्तर: A) गुलाम वंश
कुतुबुद्दीन ऐबक दिल्ली सल्तनत के प्रारंभिक गुलाम या ममलूक वंश का संस्थापक माना जाता है।
35. कुतुबुद्दीन ऐबक की राजधानी कहाँ थी?
✅ सही उत्तर: A) लाहौर
कुतुबुद्दीन ऐबक के शासन का प्रमुख केंद्र लाहौर था।
36. कुतुबुद्दीन ऐबक को किस उपाधि से जाना जाता था?
✅ सही उत्तर: A) लाखबख्श
कुतुबुद्दीन ऐबक को उसकी उदारता के कारण 'लाखबख्श' कहा जाता था।
37. कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु किस खेल के दौरान हुई?
✅ सही उत्तर: A) चौगान
1210 ई. में चौगान खेलते समय घोड़े से गिरने के कारण कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु हुई।
38. कुतुबुद्दीन ऐबक ने किस प्रसिद्ध निर्माण कार्य की शुरुआत कराई?
✅ सही उत्तर: A) कुतुब मीनार
कुतुबुद्दीन ऐबक ने कुतुब मीनार का निर्माण आरंभ कराया था, जिसे बाद में इल्तुतमिश आदि ने आगे बढ़ाया।
39. कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा निर्मित प्रमुख मस्जिदों में कौन-सी शामिल है?
✅ सही उत्तर: A) कुव्वत-उल-इस्लाम
दिल्ली के कुतुब परिसर में कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद का निर्माण ऐबक के समय आरंभ हुआ।
40. गौरी की मृत्यु के बाद भारत में स्वतंत्र सल्तनत की स्थापना किस ऐतिहासिक प्रक्रिया की शुरुआत थी?
✅ सही उत्तर: A) दिल्ली सल्तनत के प्रारंभिक चरण
1206 ई. के बाद कुतुबुद्दीन ऐबक की सत्ता ने दिल्ली सल्तनत के प्रारंभिक गुलाम वंश की नींव रखी।
भाग – 5 | परीक्षा दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण प्रश्न
41. निम्न में से सही कालक्रम कौन-सा है?
✅ सही उत्तर: A) प्रथम तराइन → द्वितीय तराइन → चंदावर
1191 में प्रथम तराइन, 1192 में द्वितीय तराइन और 1194 में चंदावर का युद्ध हुआ।
42. निम्न में से कौन-सा युग्म सही है?
✅ सही उत्तर: A) 1191 — प्रथम तराइन
प्रथम तराइन का युद्ध 1191 ई. में हुआ था।
43. निम्न में से कौन-सा युग्म गलत है?
✅ सही उत्तर: D) कुतुबुद्दीन ऐबक — खिलजी वंश
कुतुबुद्दीन ऐबक गुलाम/ममलूक वंश से संबंधित था, खिलजी वंश से नहीं।
44. यदि शिक्षक 1191 और 1192 के युद्धों को पढ़ा रहा है, तो सबसे प्रभावी गतिविधि क्या होगी?
✅ सही उत्तर: A) दोनों युद्धों की तुलना वाली समयरेखा बनवाना
समयरेखा विद्यार्थियों को घटनाओं के क्रम और दोनों युद्धों के परिणामों को स्पष्ट रूप से समझने में सहायता करती है।
45. गौरी की विजयों को समझने के लिए मानचित्र का उपयोग क्यों उपयोगी है?
✅ सही उत्तर: A) अभियानों और क्षेत्रों का स्थानिक संबंध समझने के लिए
इतिहास में मानचित्र आधारित शिक्षण विद्यार्थियों को घटनाओं के भौगोलिक संदर्भ को समझने में मदद करता है।
46. तराइन के दोनों युद्धों को पढ़ाते समय विद्यार्थियों से सबसे उपयुक्त तुलना क्या कराई जा सकती है?
✅ सही उत्तर: A) वर्ष, पक्ष और परिणाम
यह तुलना दोनों युद्धों के बीच मुख्य ऐतिहासिक अंतर को स्पष्ट करती है।
47. गौरी के इतिहास में कुतुबुद्दीन ऐबक का महत्व क्या था?
✅ सही उत्तर: A) उसने भारत में गौरी की सत्ता को आगे बढ़ाया
ऐबक गौरी का प्रमुख सैन्य अधिकारी था और उसकी मृत्यु के बाद भारत में स्वतंत्र सत्ता का शासक बना।
48. 1206 ई. का भारतीय इतिहास में क्या महत्व है?
✅ सही उत्तर: A) दिल्ली सल्तनत के प्रारंभिक चरण का आरंभ
1206 ई. में गौरी की मृत्यु के बाद कुतुबुद्दीन ऐबक की स्वतंत्र सत्ता ने दिल्ली सल्तनत के आरंभिक चरण को जन्म दिया।
49. TET में गौरी काल पढ़ाते समय केवल युद्धों को पढ़ाने की अपेक्षा क्या अधिक प्रभावी होगा?
✅ सही उत्तर: A) युद्धों के कारण, परिणाम और ऐतिहासिक प्रभाव को समझाना
TET की दृष्टि से इतिहास शिक्षण में घटनाओं के कारण-परिणाम और उनके प्रभाव को समझाना अधिक महत्वपूर्ण है।
50. गौरी काल का भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण परिणाम क्या माना जा सकता है?
✅ सही उत्तर: A) उत्तर भारत में तुर्की सत्ता की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होना
गौरी की विजयों ने उत्तर भारत में तुर्की राजनीतिक सत्ता के लिए आधार तैयार किया, जिसे बाद में कुतुबुद्दीन ऐबक ने आगे बढ़ाया।
📌 GAURI PERIOD – QUICK REVISION
मुहम्मद गौरी — घोर • उत्तर-पश्चिम से भारत में विस्तार।
1178 ई. — गुजरात अभियान में पराजय।
1191 ई. — प्रथम तराइन • पृथ्वीराज चौहान की विजय।
1192 ई. — द्वितीय तराइन • गौरी की विजय।
1194 ई. — चंदावर • जयचंद की पराजय।
1206 ई. — गौरी की मृत्यु • कुतुबुद्दीन ऐबक की स्वतंत्र सत्ता।
ऐबक — गुलाम वंश • लाखबख्श • कुतुब मीनार का निर्माण आरंभ।
मुहम्मद गौरी — घोर • उत्तर-पश्चिम से भारत में विस्तार।
1178 ई. — गुजरात अभियान में पराजय।
1191 ई. — प्रथम तराइन • पृथ्वीराज चौहान की विजय।
1192 ई. — द्वितीय तराइन • गौरी की विजय।
1194 ई. — चंदावर • जयचंद की पराजय।
1206 ई. — गौरी की मृत्यु • कुतुबुद्दीन ऐबक की स्वतंत्र सत्ता।
ऐबक — गुलाम वंश • लाखबख्श • कुतुब मीनार का निर्माण आरंभ।
